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Category: मासूम मोडासवी

नये सांचों में ढलने का इरादा लेके आये हैं

तेरे हमराह चलने का इरादा लेके आये हैं,
नये सांचों में ढलने का इरादा लेके आये हैं।

कहाँ तक गम उठायेंगे खुशीकी आरजु लेकर,
मुकद्दर को बदलने का इरादा लेके आये हें ।

उन्हें पाने की हसरत में भटकते हम रहें कबतक,
ये फुरकत से निकलने का इरादा लेके आये है ।

चलो अच्छा हुवा तुमने हमारे हाल को समाजा,
तेरी उल्फत में पलने का इरादा लेके आये हैं ।

महोबत करने वाले भी बगावत पे उतर आये,
हकिकत में संभलने का इरादा लेके आये हैं ।

मिले हैं वो हमें जबसे उमीदें बढ गइ मासूम,
नये सपनों में ढलने का इरादा लेके आये हैं ।

✍🏼 मासूम मोडासवी

 

खयालों में जीते हैं इन दिनो

उनसे जुड़े खयालों में जीते हैं इन दिनो,
कितने हसीं सवालों मे जीते हैं इन दिनो ।

जबसे मिले हैं आप बड़ी हसरतों से हम,
हमको मिले उजालों में जीते हैं इन दिनो ।

हरसू बहारें छा गइ जीनके विसाल की,
मनके हसींन जमालों में जीते है इन दिनो ।

आये हैं बनके आप मिरे रहेनुमां नफस,
तकदीर से ऐसे कमालों में जीते इन दिनो।

शाने पे उडते गेसुओं की सुरमइ छांव में,
बिखरे सीयाह बालों में जीते हैं इन दिनो।

पीछे है जीनके सारा जमाना लगा हुवा,
उनके हजारों पालो में जीते हैं इन दिनों ।

उनके करम से हस्ती की बदली हैं रोनकें।
मासूम हमवो खुशहालों में जीते हैं इन दिनो ।

✍🏼 मासूम मोडासवी

 

नजर ने धोके हजार खाये,

नजर ने धोके हजार खाये,
मगर नजर वो कहां बचाये।

अजब हमारा नसीब देखो,
कदम कदम पे अलमउठाये।

हवा शजर को गीरा न डाले,
खीजां उगलते मुहीब साये।

गरीब घरका जहीन बच्चा,
कदम कदम पे ठोकर खाये।

शजर खीजांकाअसीर होकर,
हवाकी जटको से न टुटजाये।

उमीद दर दर भटक रही है,
फरज करम का निखार पाये।

भरी तमन्ना मचल के मासूम,
नइ खुशी का जशन मनाये।

✍🏼 मासूम मोडासवी